घरेलू PNG कनेक्शन योजना 2026: 1 सितंबर से लागू, आम परिवारों को कैसे मिलेगा फायदा?

रसोई गैस सिलेंडर बुक करने और उसकी डिलीवरी का इंतजार करने के बजाय कई शहरों में लोग पाइप से मिलने वाली PNG का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब सरकार ने घरेलू PNG कनेक्शन का दायरा बढ़ाने के लिए एक नई प्रोत्साहन योजना लागू की है। यह योजना 1 सितंबर 2026 से प्रभावी हो चुकी है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 18 अगस्त 2026 तक देश में 1.74 करोड़ घरेलू PNG कनेक्शन मौजूद थे। नई योजना का उद्देश्य उन क्षेत्रों में भी पाइप से रसोई गैस पहुंचाना है, जहां नेटवर्क बनने के बाद भी कनेक्शन चालू नहीं हुए हैं या अभी पर्याप्त घर इससे नहीं जुड़े हैं।
घरेलू PNG कनेक्शन योजना क्या है?
इसका आधिकारिक नाम ‘Incentive Scheme for Promotion of Domestic PNG Connections’ है। योजना 18 अगस्त 2026 को शुरू की गई थी और इसे 1 सितंबर से लागू किया गया।
इस योजना के तहत सरकार सीधे परिवारों के बैंक खाते में पैसा नहीं भेजेगी। प्रोत्साहन City Gas Distribution यानी CGD कंपनियों को मिलेगा, ताकि वे ज्यादा घरों तक पाइपलाइन पहुंचाएं और पहले से लगे लेकिन इस्तेमाल नहीं हो रहे कनेक्शन को सक्रिय करें।
सरल शब्दों में कहें तो सरकार गैस वितरण कंपनियों के लिए घरेलू PNG कनेक्शन बढ़ाना आर्थिक रूप से फायदेमंद बनाना चाहती है। इससे कंपनियों को नए इलाकों में नेटवर्क विस्तार करने की वजह मिलेगी और परिवारों को PNG कनेक्शन मिलने की संभावना बढ़ेगी।
कंपनियों को कैसे मिलेगा प्रोत्साहन?
योजना में प्रत्येक भौगोलिक क्षेत्र के लिए घरेलू कनेक्शन की एक न्यूनतम सीमा तय की जाएगी। इस सीमा से अधिक नया और बिल वाला सक्रिय कनेक्शन देने पर संबंधित कंपनी को 200 Standard Cubic Metres अतिरिक्त घरेलू APM गैस आवंटित की जाएगी।
APM गैस की कीमत आयातित LNG की तुलना में कम होती है। कंपनियां इस सस्ती गैस का इस्तेमाल अपनी कुल गैस खरीद लागत कम करने के लिए कर सकेंगी।
सरकार का अनुमान है कि घरेलू PNG कनेक्शन पर कंपनी द्वारा खर्च की गई पूंजी वापस आने की अवधि करीब 10 साल से घटकर लगभग तीन साल रह सकती है। इससे कंपनियों के लिए घरों को जल्दी कनेक्शन देना व्यावसायिक रूप से अधिक उपयोगी होगा।
यह योजना दो चरणों में छह महीने तक चलाई जाएगी।
आम परिवारों को क्या फायदा हो सकता है?
इस योजना का लाभ परिवारों को सीधे नकद सहायता के रूप में नहीं मिलेगा। इसका संभावित फायदा PNG नेटवर्क और सक्रिय कनेक्शन बढ़ने के रूप में दिखाई देगा।
जिन इलाकों में गैस पाइपलाइन मौजूद है लेकिन घरेलू कनेक्शन कम हैं, वहां कंपनियां नए कनेक्शन देने पर अधिक ध्यान दे सकती हैं। नए आवासीय क्षेत्रों और सोसायटियों तक भी PNG नेटवर्क का विस्तार तेज हो सकता है।
PNG मिलने पर हर बार सिलेंडर बुक कराने या बदलने की जरूरत नहीं पड़ती। गैस की खपत मीटर में दर्ज होती है और उपभोक्ता को इस्तेमाल के आधार पर बिल दिया जाता है। पाइपलाइन से आपूर्ति होने के कारण सिलेंडर घर में रखने की आवश्यकता भी नहीं रहती।
हालांकि PNG की उपलब्धता हर शहर और क्षेत्र में एक जैसी नहीं है। कनेक्शन तभी मिल सकता है जब उस क्षेत्र में अधिकृत City Gas Distribution कंपनी का नेटवर्क मौजूद हो।
क्या सरकार मुफ्त PNG कनेक्शन दे रही है?
नहीं। जारी सरकारी जानकारी में सभी परिवारों को मुफ्त PNG कनेक्शन देने की घोषणा नहीं की गई है। योजना मुख्य रूप से गैस वितरण कंपनियों के लिए बनाई गई है।
कनेक्शन शुल्क, सिक्योरिटी डिपॉजिट, मीटर से जुड़े शुल्क और गैस की दर संबंधित कंपनी तथा क्षेत्र के नियमों के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए किसी भी भुगतान से पहले अपने क्षेत्र की अधिकृत PNG कंपनी से शुल्क की पूरी जानकारी लेना जरूरी है।
सोशल मीडिया या अनजान वेबसाइट पर दिखाई देने वाले “मुफ्त गैस कनेक्शन” अथवा “सरकार खाते में पैसा भेजेगी” जैसे दावों पर भरोसा न करें।
नया PNG कनेक्शन कैसे लिया जा सकेगा?
सरकार एक Unified PNG Registration Portal तैयार कर रही है। इसके शुरू होने के बाद नए कनेक्शन के लिए आवेदन और उसकी स्थिति देखना आसान हो सकता है। फिलहाल यह पोर्टल तैयार किया जा रहा है, इसलिए इसे चालू बताकर कोई आवेदन लिंक देना सही नहीं होगा।
अभी उपभोक्ता अपने शहर में PNG सेवा देने वाली अधिकृत कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ग्राहक सेवा केंद्र से कनेक्शन की उपलब्धता पूछ सकते हैं। आवेदन करते समय केवल कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत कार्यालय का इस्तेमाल करें।
किसी एजेंट को नकद भुगतान करने या अनजान लिंक पर आधार, बैंक और OTP जैसी निजी जानकारी देने से बचें।
क्या PNG हमेशा LPG से सस्ती होगी?
सरकारी जानकारी के मुताबिक प्रति यूनिट ऊर्जा के आधार पर PNG आमतौर पर LPG से कम खर्चीली हो सकती है। लेकिन किसी परिवार का वास्तविक बिल स्थानीय गैस दर, खपत, टैक्स और दूसरे शुल्कों पर निर्भर करेगा।
इसलिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि हर शहर और हर उपभोक्ता का मासिक खर्च एक जैसा कम हो जाएगा। कनेक्शन लेने से पहले स्थानीय PNG दर और सभी शुल्कों की तुलना कर लेनी चाहिए।
देश के कितने क्षेत्रों में PNG नेटवर्क विकसित हो रहा है?
Petroleum and Natural Gas Regulatory Board ने 309 भौगोलिक क्षेत्रों में City Gas Distribution कंपनियों को अधिकृत किया है। सरकारी जानकारी के अनुसार ये क्षेत्र देश की पूरी मुख्य भूमि को कवर करते हैं।
इसका अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक गांव, कस्बे या घर तक पाइपलाइन अभी पहुंच चुकी है। कंपनियों को अलग-अलग चरणों में नेटवर्क तैयार करना होता है। नई योजना इसी विस्तार और सक्रिय कनेक्शन की गति बढ़ाने के लिए लाई गई है।
उपभोक्ताओं को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
नया कनेक्शन लेने से पहले कंपनी का नाम और वेबसाइट सत्यापित करें। कनेक्शन शुल्क, सिक्योरिटी राशि, मीटर शुल्क और बिल की दर लिखित रूप में समझें।
PNG पाइपलाइन या मीटर में किसी तरह का बदलाव स्वयं न करें। स्थापना और मरम्मत का काम केवल कंपनी के अधिकृत कर्मचारी से करवाएं। गैस से जुड़ी समस्या होने पर संबंधित कंपनी की आधिकारिक आपातकालीन सेवा से संपर्क करें।
निष्कर्ष
घरेलू PNG कनेक्शन योजना का उद्देश्य गैस वितरण कंपनियों को ज्यादा सक्रिय कनेक्शन देने और नए इलाकों तक नेटवर्क पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसका लाभ परिवारों को पाइप से मिलने वाली रसोई गैस की उपलब्धता बढ़ने के रूप में मिल सकता है।
यह न तो नकद सहायता योजना है और न ही सरकार ने सभी परिवारों के लिए मुफ्त कनेक्शन घोषित किया है। किसी क्षेत्र में कनेक्शन कब मिलेगा, यह वहां पाइपलाइन नेटवर्क और अधिकृत कंपनी की उपलब्धता पर निर्भर करेगा।
आधिकारिक स्रोत
PIB: Incentive Scheme for Promotion of Domestic PNG Connections



























