SC Scholarship 2025-26: 74 लाख से ज्यादा छात्रों को लाभ, DBT से खाते में पहुंची रकम

केंद्र सरकार ने Scheduled Caste यानी SC छात्रों के लिए चल रही Pre-Matric और Post-Matric Scholarship योजनाओं के नए आंकड़े जारी किए हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों योजनाओं को मिलाकर 74 लाख से ज्यादा छात्रों को सहायता दी गई।
सरकारी जानकारी के मुताबिक Pre-Matric Scholarship से 26.79 लाख और Post-Matric Scholarship से 47.53 लाख छात्रों को लाभ मिला। Scholarship की रकम Direct Benefit Transfer यानी DBT के जरिए पात्र छात्रों के Aadhaar से जुड़े बैंक खातों में भेजी जाती है।
यह किसी नई Scholarship या नए आवेदन की घोषणा नहीं है। सरकार ने मौजूदा योजनाओं पर खर्च, लाभार्थियों और आवेदन की जांच में किए गए बदलावों की जानकारी दी है।
Pre-Matric और Post-Matric Scholarship में क्या अंतर है?
Pre-Matric Scholarship स्कूल स्तर पर पढ़ रहे पात्र छात्रों के लिए है। SC विद्यार्थियों के लिए इसका प्रमुख हिस्सा कक्षा 9 और 10 में नियमित पढ़ाई करने वाले छात्रों को सहायता देता है।
इस योजना में माता-पिता या अभिभावक की सालाना आय सीमा 2.50 लाख रुपये तक रखी गई है। योजना का दूसरा हिस्सा ऐसे बच्चों को सहायता देता है जिनके माता-पिता या अभिभावक निर्धारित अस्वच्छ अथवा जोखिम वाले व्यवसायों में काम करते हैं। दोनों हिस्सों की शर्तें एक जैसी नहीं हैं, इसलिए आवेदन से पहले अपनी श्रेणी की guideline देखना जरूरी है।
Post-Matric Scholarship कक्षा 10 के बाद की पढ़ाई के लिए है। इसमें कक्षा 11-12, कॉलेज, विश्वविद्यालय और मान्यता प्राप्त संस्थानों में चलने वाले पात्र पाठ्यक्रम शामिल हो सकते हैं।
Post-Matric सहायता भारत में पढ़ाई के लिए दी जाती है। Course, institution, विद्यार्थी की category और परिवार की आय से जुड़ी शर्तों की जांच संबंधित राज्य या केंद्रशासित प्रदेश करता है।
2025-26 में कितनी रकम जारी हुई?
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में Pre-Matric Scholarship के लिए 562.36 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता जारी की गई। इससे 26.79 लाख छात्रों को लाभ मिलने की जानकारी दी गई है।
इसी अवधि में Post-Matric Scholarship के लिए 6,186.95 करोड़ रुपये जारी किए गए और 47.53 लाख छात्र लाभार्थी रहे।
सरकार ने वर्ष 2014-15 से 2025-26 के बीच के आंकड़े भी बताए हैं:
- Pre-Matric Scholarship में 4,893.03 करोड़ रुपये जारी किए गए।
- Post-Matric Scholarship में 46,581.54 करोड़ रुपये जारी किए गए।
- Pre-Matric में दर्ज सालाना लाभार्थी आंकड़ों का कुल योग लगभग 299.66 लाख रहा।
- Post-Matric में दर्ज सालाना लाभार्थी आंकड़ों का कुल योग 612.98 लाख रहा।
कई वर्षों के लाभार्थी आंकड़ों को unique छात्रों की संख्या नहीं समझना चाहिए। Scholarship renewal लेने वाला एक विद्यार्थी अलग-अलग वर्षों के आंकड़ों में दोबारा शामिल हो सकता है।
DBT से Scholarship कैसे मिलती है?
Post-Matric Scholarship में वित्त वर्ष 2021-22 से DBT व्यवस्था लागू है। Pre-Matric Scholarship में यह व्यवस्था 2022-23 से इस्तेमाल की जा रही है।
पात्र छात्र के आवेदन की जांच और मंजूरी मिलने के बाद केंद्र के हिस्से की रकम Aadhaar से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है। आवेदन में दी गई पहचान, category, institution और bank account की जानकारी अलग-अलग सरकारी databases से मिलाई जा सकती है।
सरकार ने duplicate या गलत आवेदन रोकने के लिए biometric authentication, e-KYC और digital verification की व्यवस्था भी जोड़ी है। DigiLocker तथा दूसरे सरकारी databases के जरिए documents और institution की जानकारी जांची जा सकती है।
अगर Aadhaar और बैंक खाते में नाम या दूसरी जानकारी अलग है तो payment में समस्या आ सकती है। आवेदन से पहले नाम, जन्मतिथि और bank account की जानकारी मिलाना उपयोगी रहेगा।
OTR क्यों जरूरी है?
National Scholarship Portal पर आवेदन के लिए One-Time Registration यानी OTR जरूरी है। यह Aadhaar या Aadhaar Enrolment ID के आधार पर बनने वाला 14 अंकों का नंबर है।
OTR विद्यार्थी के पूरे academic career के लिए मान्य रहता है। हर वर्ष नया registration करने के बजाय इसी नंबर के जरिए Scholarship application और renewal की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
OTR बनाते समय अपना ही mobile number, Aadhaar और सही personal details इस्तेमाल करनी चाहिए। किसी cyber cafe या दूसरे व्यक्ति का mobile number देने पर बाद में OTP और application tracking में परेशानी हो सकती है।
आवेदन कहां और कब करना होता है?
आवेदन National Scholarship Portal या संबंधित राज्य के Scholarship Portal के जरिए लिया जा सकता है। किस छात्र को किस portal पर आवेदन करना है, यह राज्य और योजना के अनुसार बदल सकता है।
सरकार ने इन Scholarship योजनाओं के लिए domicile certificate की अनिवार्यता हटाने की घोषणा की है। फिर भी आवेदन करते समय portal पर दिखाई गई वर्तमान document list जरूर जांचें, क्योंकि verification और अतिरिक्त राज्य-स्तरीय जरूरतें अलग हो सकती हैं।
आवेदन से पहले सामान्य रूप से इन चीजों की जरूरत पड़ सकती है:
- Aadhaar या Aadhaar Enrolment ID
- OTR number
- SC certificate
- Income certificate
- वर्तमान admission या enrolment की जानकारी
- पिछली कक्षा की marksheet
- Aadhaar से जुड़ा bank account
- सक्रिय mobile number
इस सरकारी update में वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन शुरू होने या अंतिम तारीख की नई घोषणा नहीं की गई है। तारीख की पुष्टि National Scholarship Portal या संबंधित राज्य के official portal से ही करें।
Scholarship अटकने पर क्या जांचें?
Application submit करने के बाद उसका status नियमित रूप से देखना चाहिए। Institution verification pending होने, bank account में गलती, Aadhaar mismatch या state-level approval में देरी के कारण payment रुक सकता है।
इन बातों की जांच करें:
- Application final submit हुआ है या नहीं
- Institution ने verification पूरा किया है या नहीं
- Aadhaar और bank account में नाम एक जैसा है या नहीं
- Bank account सक्रिय है या नहीं
- Portal पर कोई correction message तो नहीं आया
- Renewal application सही academic year के लिए भरा गया है या नहीं
Scholarship दिलाने के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को पैसे या OTP न दें। आवेदन और status की जानकारी केवल सरकारी portal से देखें।
आधिकारिक स्रोत
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय/PIB: Scholarship और Digital Reforms के आंकड़े
सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग: Pre-Matric Scholarship Scheme
सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग: Post-Matric Scholarship Scheme



























