आज का मौसम 15 सितंबर 2026: दिल्ली में बारिश के आसार, गुजरात में भारी बारिश का अलर्ट

Aaj Ka Mausam 15 September 2026: देश के कई हिस्सों में आज मंगलवार, 15 सितंबर को मौसम बदला हुआ है। कहीं हल्की बारिश और बादल हैं तो कहीं भारी बारिश, तेज हवा और गरज-चमक लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।
पश्चिम भारत में गुजरात इस समय सबसे ज्यादा नजर में है। उत्तर गुजरात और आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण गुजरात, राजस्थान और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं। वहीं दिल्ली-NCR में बादल छाए रहने और हल्की बारिश या गरज के साथ बौछार पड़ने की संभावना है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से करीब 19 सितंबर के आसपास शुरू हो सकती है। इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे देश में बारिश तुरंत खत्म हो जाएगी। अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक जारी रहने के आसार हैं।
आइए जानते हैं दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों में आज मौसम कैसा रहने वाला है।
दिल्ली-NCR में आज कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली-NCR में मंगलवार को आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। कुछ इलाकों में बहुत हल्की से हल्की बारिश या गरज के साथ बौछार पड़ सकती है।
दिल्ली में दिन का तापमान करीब 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री के आसपास रह सकता है।
नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद के लोगों को भी अचानक मौसम बदलने के लिए तैयार रहना चाहिए। खासकर ऑफिस से घर लौटते समय अगर आसमान में घने बादल हों तो थोड़ी अतिरिक्त यात्रा समय की योजना बनाना बेहतर रहेगा।
बुधवार और गुरुवार यानी 16 और 17 सितंबर को दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का पूर्वानुमान भी दिया गया है।
गुजरात में भारी बारिश का खतरा ज्यादा
आज के मौसम में सबसे ज्यादा ध्यान गुजरात पर है।
दक्षिण-पूर्व राजस्थान और उत्तर गुजरात के आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण गुजरात के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
कच्छ में कुछ इलाकों के लिए तेज बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है। जामनगर और सोमनाथ समेत पश्चिमी हिस्सों में भी लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट देखते रहने की सलाह है।
अहमदाबाद में एक दिन पहले तेज बारिश के कारण कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई थी। शहर में करीब 88 मिमी बारिश दर्ज किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी, जिससे ट्रैफिक और रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हुई।
गुजरात के लोगों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
अगर आपके शहर में भारी बारिश हो रही है तो पानी भरे अंडरपास या सड़क से वाहन निकालने की कोशिश न करें।
तेज बारिश के दौरान नदी, नाले और छोटे पुलों के आसपास जाने से बचें। यात्रा से पहले अपने जिले का स्थानीय IMD या प्रशासनिक अलर्ट जरूर देखें।
तटीय इलाकों में तेज हवा की स्थिति भी बन सकती है। IMD की तटीय चेतावनी में दक्षिण गुजरात तट पर तेज हवाओं और खराब समुद्री परिस्थितियों की संभावना बताई गई थी।
उत्तर प्रदेश में आज का मौसम
उत्तर प्रदेश में मौसम एक जैसा नहीं रहेगा।
राज्य के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। आने वाले दिनों तक अलग-अलग हिस्सों में छिटपुट बारिश जारी रहने का अनुमान है।
लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में बादल और बारिश की संभावना के बीच उमस बनी रह सकती है।
अगर किसान खेत में काम करने जा रहे हैं और आसपास गरज की आवाज सुनाई दे तो खुले खेत, पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे रुकने से बचना चाहिए।
बिहार में आज कैसा रहेगा मौसम?
बिहार में पिछले कुछ समय से बारिश का वितरण काफी असमान रहा है। राज्य इस मानसून सीजन में सामान्य से कम बारिश वाले राज्यों में शामिल रहा है।
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार बिहार में 16 और 17 सितंबर को बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इसलिए आज 15 सितंबर को हर जिले में भारी बारिश होने की उम्मीद करना सही नहीं होगा।
कुछ इलाकों में स्थानीय बादल और बौछारें जरूर हो सकती हैं।
बाढ़ प्रभावित या नदी किनारे रहने वाले लोगों को केवल बारिश ही नहीं, बल्कि स्थानीय नदी जलस्तर और जिला प्रशासन की चेतावनियों पर भी नजर रखनी चाहिए।
राजस्थान में बारिश के साथ बदल रहा मौसम
राजस्थान में मानसून की विदाई करीब आ रही है, लेकिन बारिश अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
जयपुर, भरतपुर, कोटा और आसपास के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और बारिश की संभावना बनी हुई है।
पश्चिम राजस्थान में भी 15 से 17 सितंबर के दौरान कुछ जगह बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की वापसी पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों से करीब 19 सितंबर को शुरू होने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं।
इसलिए राजस्थान के लिए अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से बदलाव वाले रह सकते हैं—कहीं बारिश तो कहीं मौसम तेजी से सूखा होता दिखाई दे सकता है।
मध्य प्रदेश में क्या है स्थिति?
मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक देखने को मिल सकती है।
कम दबाव के क्षेत्र का असर पश्चिम और मध्य भारत के मौसम पर बना हुआ है। पश्चिम मध्य प्रदेश और आसपास के राज्यों में अगले कुछ दिनों तक छिटपुट बारिश का अनुमान है।
भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में लोगों को बाहर निकलते समय स्थानीय रडार और अबकास्ट जरूर देख लेना चाहिए, क्योंकि मानसून के इस चरण में बारिश काफी स्थानीय हो सकती है—एक इलाके में तेज बारिश और कुछ किलोमीटर दूर सूखा मौसम देखने को मिल सकता है।
महाराष्ट्र और मुंबई का मौसम
मुंबई में मंगलवार को आसमान में बादल बने रहने और हल्की से मध्यम बारिश के दौर आने की संभावना है। शहर में रात के दौरान भी हल्की बारिश दर्ज की गई थी।
महाराष्ट्र के सभी हिस्सों में एक जैसी बारिश की स्थिति नहीं है। कुछ क्षेत्रों में पिछले दिनों अच्छी बारिश हुई है, जबकि मराठवाड़ा में कई किसानों को अभी भी नियमित और पर्याप्त बारिश का इंतजार है।
मुंबई, ठाणे और आसपास के लोगों को तेज बारिश के छोटे दौर के दौरान ट्रैफिक और लोकल यात्रा में अतिरिक्त समय रखना चाहिए।
हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर
पहाड़ी राज्यों में बारिश को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र में 15 से 17 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश की संभावना जताई गई है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के यात्रियों को पहाड़ी मार्ग पर निकलने से पहले स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति देख लेनी चाहिए।
भारी बारिश के बाद पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, पत्थर गिरने और छोटी नदियों के अचानक उफान का खतरा बढ़ सकता है।
दक्षिण भारत में कहां बारिश?
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी मानसून गतिविधियां पूरी तरह शांत नहीं हुई हैं।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में आने वाले दिनों तक कुछ जगह भारी बारिश की संभावना है। केरल और माहे में 16 सितंबर तक और दक्षिण कर्नाटक में आज कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है।
ऐसे में समुद्र तट या पहाड़ी पर्यटन की योजना बना रहे लोगों को यात्रा से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देखना चाहिए।
आज किन राज्यों में बारिश पर ज्यादा नजर?
आज की स्थिति को आसान भाषा में समझें तो:
| राज्य/क्षेत्र | आज की स्थिति |
|---|---|
| दिल्ली-NCR | बादल, हल्की बारिश/गरज की संभावना |
| गुजरात | कई हिस्सों में भारी बारिश का खतरा |
| कच्छ-सौराष्ट्र | तेज बारिश के लिए खास सतर्कता |
| राजस्थान | कुछ क्षेत्रों में बारिश और गरज-चमक |
| उत्तर प्रदेश | छिटपुट बारिश/थंडरस्टॉर्म |
| बिहार | स्थानीय बारिश संभव, गतिविधि आगे बढ़ सकती है |
| मध्य प्रदेश | कुछ हिस्सों में बारिश |
| मुंबई-महाराष्ट्र | बादल, हल्की-मध्यम बारिश |
| जम्मू-कश्मीर | बारिश की गतिविधियां |
| दक्षिण कर्नाटक | कुछ स्थानों पर भारी बारिश |
| केरल | कुछ इलाकों में बारिश |
| तमिलनाडु | स्थानीय भारी बारिश का खतरा |
ध्यान दें: मौसम का पूर्वानुमान जिले और शहर के अनुसार बदल सकता है। राज्य स्तर की भविष्यवाणी को अपने इलाके की निश्चित स्थिति न मानें।
मानसून कब विदा होगा?
इस समय बहुत से लोगों का सवाल है कि मानसून कब जाएगा।
IMD ने कहा है कि पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों से 19 सितंबर के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू होने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं।
आमतौर पर इसकी वापसी उत्तर-पश्चिम भारत से शुरू होती है और फिर धीरे-धीरे देश के दूसरे हिस्सों तक बढ़ती है।
इसलिए “मानसून की विदाई शुरू” होने का मतलब यह नहीं है कि 19 सितंबर से पूरे भारत में बारिश बंद हो जाएगी।
इस बार मानसून में बारिश कम क्यों चर्चा में है?
2026 का मानसून कई हिस्सों में सामान्य से कमजोर रहा है।
13 सितंबर तक देशभर में मानसून बारिश का कुल घाटा करीब 15 प्रतिशत बताया गया था। दक्षिण प्रायद्वीपीय और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में कमी ज्यादा रही। बिहार, पंजाब, राजस्थान और दक्षिण भारत के कई राज्य भी बारिश की कमी वाले क्षेत्रों में शामिल रहे।
यही वजह है कि सितंबर के आखिर की बारिश किसानों के लिए कई जगह राहत भी है, लेकिन जिन इलाकों में बहुत तेज बारिश हो रही है वहां फसल और जलभराव का जोखिम भी बढ़ सकता है।
बारिश और बिजली के दौरान क्या करें?
गरज की आवाज सुनते ही खुले मैदान से सुरक्षित जगह पर चले जाएं।
पेड़ के ठीक नीचे खड़े होने से बचें। बिजली के खंभे और खुले तार से दूरी रखें।
अगर सड़क पर पानी तेजी से बह रहा हो तो पैदल या वाहन लेकर उसे पार करने की कोशिश न करें।
पहाड़ी यात्रा के दौरान भारी बारिश शुरू हो जाए तो स्थानीय पुलिस या प्रशासन की सलाह को प्राथमिकता दें।
किसान खेत में बिजली चमकने के दौरान ट्रैक्टर, खुले लोहे के उपकरण या खुले मैदान में खड़े रहने से बचें।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
आज ट्रेन, सड़क या फ्लाइट से यात्रा कर रहे हैं तो निकलने से पहले मौसम अपडेट जरूर देखें।
दिल्ली-NCR, गुजरात और बारिश प्रभावित शहरों में जलभराव होने पर यात्रा समय बढ़ सकता है।
Google Maps पर केवल ट्रैफिक देखकर निर्णय लेने के बजाय स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनी भी जांचें।
फ्लाइट पकड़नी हो तो भारी बारिश वाले शहरों में एयरपोर्ट के लिए सामान्य से थोड़ा पहले निकलना समझदारी होगी।
16 सितंबर को मौसम कैसा रह सकता है?
बुधवार 16 सितंबर को दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
बिहार में भी 16 और 17 सितंबर के दौरान बारिश का दायरा बढ़ने का अनुमान है।
पश्चिम भारत में कम दबाव वाले सिस्टम की स्थिति के अनुसार गुजरात और आसपास के क्षेत्रों में बारिश धीरे-धीरे स्थान बदल सकती है। इसलिए शाम तक आने वाले नए IMD अपडेट को देखना जरूरी रहेगा।
आज के मौसम से जुड़े सवाल
आज 15 सितंबर को दिल्ली में बारिश होगी?
दिल्ली में बादल रहने के साथ कुछ इलाकों में हल्की बारिश या गरज के साथ बौछार की संभावना है। पूरे शहर में लगातार भारी बारिश का पूर्वानुमान नहीं है।
गुजरात में आज भारी बारिश होगी?
गुजरात के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां मजबूत हैं। खासकर कच्छ और सौराष्ट्र समेत कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का खतरा अधिक है।
उत्तर प्रदेश में आज बारिश है?
उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश और गरज-चमक हो सकती है। स्थिति जिले के अनुसार अलग रहेगी।
बिहार में आज भारी बारिश होगी?
बिहार के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है, लेकिन व्यापक बारिश की गतिविधियां 16-17 सितंबर के दौरान बढ़ने का अनुमान है।
मानसून की वापसी कब शुरू होगी?
IMD के अनुसार पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी करीब 19 सितंबर के आसपास शुरू होने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं।
निष्कर्ष
आज का मौसम 15 सितंबर 2026 देश के अलग-अलग हिस्सों में काफी अलग है। दिल्ली-NCR में हल्की बारिश और बादलों का मौसम रह सकता है, जबकि गुजरात के कई हिस्सों में भारी बारिश को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं। उत्तर प्रदेश में छिटपुट बारिश के आसार हैं, जबकि बिहार में अगले एक-दो दिनों में बारिश बढ़ सकती है।
मानसून अब धीरे-धीरे अपने आखिरी चरण की तरफ बढ़ रहा है, लेकिन अभी इसे खत्म मानना जल्दबाजी होगी।
बारिश के दौरान सबसे जरूरी बात यही है कि राज्य स्तर की खबर पढ़ने के बाद अपने शहर और जिले का ताजा मौसम अलर्ट भी जरूर जांचें, क्योंकि मौसम तेजी से बदल सकता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में मौसम से जुड़ी जानकारी उपलब्ध IMD पूर्वानुमान और प्रकाशित मौसम अपडेट पर आधारित है। मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है। यात्रा, खेती या अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले भारत मौसम विज्ञान विभाग और स्थानीय प्रशासन का नवीनतम अलर्ट जरूर देखें।



























