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धर्म / त्योहार

Ganesh Visarjan 2026 Today: आज डेढ़ दिन के गणपति विसर्जन का शुभ मुहूर्त और विधि

Author: Hitesh kumar 4 टिप्पणियां
Hitesh kumar
Author Hitesh kumar

मैं New Samachar में Founder & Editor के रूप में समाचार और जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी को पाठकों तक सरल, स्पष्ट और जिम्मेदार तरीके से पहुँचाने का कार्य करता हूँ। मेरा…

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Ganesh Visarjan 2026 Today: गणेश चतुर्थी पर घर में बप्पा की स्थापना करने वाले कई श्रद्धालु आज मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को डेढ़ दिन के गणपति का विसर्जन कर रहे हैं। अगर आपके घर भी गणपति बप्पा विराजमान हैं और आज उन्हें विदा करना है, तो विसर्जन से पहले शुभ समय, अंतिम पूजा, भोग और कुछ जरूरी बातों को जान लेना उपयोगी रहेगा।

2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई गई थी। चतुर्थी तिथि 14 सितंबर सुबह 7:06 बजे शुरू होकर 15 सितंबर सुबह 7:44 बजे तक रही। घरों में अलग-अलग परंपराओं के अनुसार बप्पा को डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन, सात दिन या अनंत चतुर्दशी तक विराजमान रखने की परंपरा है।

आज डेढ़ दिन के गणपति को विदा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए दिन में और शाम को कई चौघड़िया समय उपलब्ध हैं। हालांकि सही मुहूर्त शहर के अनुसार बदल सकता है, इसलिए अपने स्थानीय पंचांग को भी जरूर देखें।

इस खबर में क्या है?

Ganesh Visarjan 2026: आज डेढ़ दिन के गणपति का विसर्जन कब है?

डेढ़ दिन के गणपति का विसर्जन मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को किया जा रहा है। गणेश चतुर्थी के दिन 14 सितंबर को स्थापना करने वाले कई परिवार अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार आज बप्पा को विदाई देते हैं।

“डेढ़ दिन” का अर्थ घड़ी देखकर ठीक 36 घंटे पूरे होने का इंतजार करना नहीं है। यह एक पारंपरिक अवधि है, जिसमें गणेश चतुर्थी पर स्थापना के बाद अगले दिन सुविधाजनक और शुभ समय में अंतिम पूजा करके विसर्जन किया जाता है।

आज गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त

15 सितंबर 2026 के लिए प्रकाशित चौघड़िया समय के अनुसार डेढ़ दिन के गणपति विसर्जन के लिए ये प्रमुख समय दिए गए हैं:

विसर्जन का समय शुभ चौघड़िया
12:16 PM से 1:49 PM चर, लाभ, अमृत
3:21 PM से 4:54 PM शुभ
7:54 PM से 9:21 PM लाभ
10:49 PM से 3:11 AM, 16 सितंबर शुभ, अमृत, चर

ध्यान दें: चौघड़िया और स्थानीय धार्मिक समय आपके शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त के अनुसार बदल सकते हैं। इसलिए ऊपर दिए समय को सामान्य संदर्भ मानें और अपने शहर के पंचांग या स्थानीय परंपरा को प्राथमिकता दें।

क्या शाम को गणपति विसर्जन किया जा सकता है?

हां, जो लोग दोपहर में विसर्जन नहीं कर पा रहे हैं, उनके लिए 7:54 PM से 9:21 PM का समय भी प्रकाशित शुभ चौघड़िया में शामिल है।

इसलिए केवल इस वजह से जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है कि विसर्जन दोपहर में ही करना जरूरी है। परिवार की सुविधा, स्थानीय विसर्जन व्यवस्था, यातायात और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त समय चुनना बेहतर है।

विसर्जन से पहले बप्पा की अंतिम पूजा कैसे करें?

गणपति विसर्जन का समय भावुक भी होता है। कई परिवारों में इसे विदाई की तरह माना जाता है—बप्पा को धन्यवाद दिया जाता है और अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना की जाती है।

विसर्जन से पहले घर में सामान्य रूप से इस तरह अंतिम पूजा की जा सकती है:

1. पूजा स्थान को साफ करें

जहां गणपति बप्पा विराजमान हैं वहां साफ-सफाई करें। परिवार के सदस्य साफ वस्त्र पहनकर पूजा में शामिल हो सकते हैं।

2. दीपक और धूप जलाएं

बप्पा के सामने दीपक और धूप जलाएं। फूल, दूर्वा और उपलब्ध पूजा सामग्री अर्पित करें।

पूजा को बहुत जटिल बनाने की जरूरत नहीं है। श्रद्धा के साथ की गई सरल पूजा भी पर्याप्त मानी जाती है।

3. बप्पा को भोग लगाएं

गणेश जी को मोदक प्रिय माने जाते हैं। मोदक उपलब्ध न हो तो परिवार की परंपरा के अनुसार फल, मिठाई या घर में बना सात्विक प्रसाद अर्पित किया जा सकता है।

4. गणेश जी की आरती करें

परिवार के सभी सदस्य मिलकर गणपति की आरती कर सकते हैं। इसके बाद कुछ समय शांत बैठकर बप्पा के सामने अपनी प्रार्थना रखें।

5. भूल-चूक के लिए क्षमा मांगें

पूजा के दौरान किसी प्रकार की भूल हुई हो तो मन से क्षमा मांगें। साथ ही परिवार के सुख, स्वास्थ्य और शांति की प्रार्थना की जा सकती है।

6. अगले वर्ष फिर आने का निमंत्रण दें

विदाई के समय श्रद्धालु परंपरागत रूप से कहते हैं:

“गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ।”

यही गणेश विसर्जन के सबसे भावुक पलों में से एक होता है।

घर से विसर्जन के लिए निकलते समय क्या करें?

पूजा पूरी होने के बाद प्रतिमा को सम्मानपूर्वक उठाएं। परिवार के सदस्य बप्पा के जयकारे लगाते हुए विसर्जन स्थल तक जा सकते हैं।

लेकिन उत्साह के साथ सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।

भीड़ वाले स्थान पर बच्चों को अकेला न छोड़ें। नदी, तालाब या समुद्र में निर्धारित सीमा से आगे जाने से बचें। स्थानीय प्रशासन या पुलिस की ओर से बनाए गए विसर्जन मार्ग और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

अगर आपके शहर में कृत्रिम विसर्जन टैंक बनाए गए हैं तो पर्यावरण के लिहाज से उनका उपयोग अच्छा विकल्प हो सकता है।

क्या घर पर गणपति विसर्जन कर सकते हैं?

अगर आपके पास छोटी और पूरी तरह मिट्टी से बनी पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमा है और स्थानीय नियम इसकी अनुमति देते हैं, तो घर पर साफ बड़े पात्र में विसर्जन करने का विकल्प भी अपनाया जा सकता है।

प्रतिमा के पूरी तरह मिट्टी में घुलने के बाद उस पानी और मिट्टी का इस्तेमाल पौधों या बगीचे में करने की सलाह कई पर्यावरण अभियानों में दी जाती है, बशर्ते प्रतिमा में हानिकारक रंग या रसायन न हों।

अगर प्रतिमा Plaster of Paris, chemical paint या ऐसी सामग्री से बनी है जिसके बारे में जानकारी नहीं है, तो उसे घर के पौधों में इस्तेमाल करने के बजाय स्थानीय नगर निकाय के अधिकृत विसर्जन केंद्र पर देना बेहतर है।

गणपति विसर्जन में किन बातों का खास ध्यान रखें?

प्रतिमा को सम्मान से संभालें

प्रतिमा को जल्दबाजी में उठाने या रखने से बचें। छोटे बच्चों को भी समझाएं कि यह धार्मिक विदाई का अवसर है।

प्लास्टिक और सजावट पानी में न डालें

फूल-माला, प्लास्टिक, कपड़ा, थर्माकोल और सजावट की सामग्री को प्रतिमा के साथ नदी या तालाब में डालने से बचें।

जहां संभव हो पूजा सामग्री को अलग करके निर्धारित कचरा संग्रह स्थान पर दें।

पानी के पास सुरक्षा सबसे जरूरी

विसर्जन के दौरान अक्सर भीड़ ज्यादा होती है। गहरे पानी में जाने की कोशिश न करें। प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थान और सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।

तेज आवाज और भीड़ में सावधानी रखें

जुलूस के दौरान वाहन, ढोल और भीड़ के कारण दुर्घटना का जोखिम बढ़ सकता है। बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें।

यह भी पढ़ें:ऋषि पंचमी 2026 आज: पूजा मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व और क्या करें-क्या न करें

गणेश विसर्जन का धार्मिक महत्व क्या है?

गणपति विसर्जन केवल प्रतिमा को जल में प्रवाहित करने की परंपरा नहीं है। इसके पीछे जीवन की अस्थायी प्रकृति और फिर से नए आरंभ का संदेश भी देखा जाता है।

मिट्टी से बनी प्रतिमा को घर लाया जाता है, कुछ दिनों तक श्रद्धा के साथ पूजा की जाती है और फिर उसी प्रतिमा को प्रकृति में लौटा दिया जाता है।

इस परंपरा में एक भाव यह भी है कि बप्पा हमारे घर से विदा जरूर होते हैं, लेकिन उनसे जुड़ी श्रद्धा और सीख हमारे साथ बनी रहती है।

गणपति को कितने दिन बाद विसर्जित किया जा सकता है?

हर परिवार की परंपरा एक जैसी नहीं होती। कई श्रद्धालु अपनी सुविधा और पारिवारिक मान्यता के अनुसार अलग-अलग दिनों में विसर्जन करते हैं।

2026 में प्रकाशित विसर्जन तारीखों के अनुसार प्रमुख विकल्प ये हैं:

परंपरा तारीख
डेढ़ दिन का विसर्जन 15 सितंबर 2026
तीसरे दिन का विसर्जन 16 सितंबर 2026
पांचवें दिन का विसर्जन 18 सितंबर 2026
सातवें दिन का विसर्जन 20 सितंबर 2026

इसलिए अगर आपके परिवार में आज विसर्जन की परंपरा नहीं है तो केवल दूसरे लोगों को देखकर जल्दी करने की जरूरत नहीं है। अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता दें।

गणेश विसर्जन के समय कौन सा मंत्र बोल सकते हैं?

विसर्जन के समय कोई लंबी पूजा करना संभव न हो तो श्रद्धा के साथ सरल गणेश मंत्र का जाप किया जा सकता है:

ॐ गं गणपतये नमः।

इसके साथ “गणपति बप्पा मोरया” का जयकारा लगाते हुए बप्पा को विदाई दी जा सकती है।

धार्मिक अनुष्ठान में मंत्रों की संख्या से ज्यादा श्रद्धा और भाव को महत्वपूर्ण माना जाता है।

बप्पा को विदा करते समय क्या मांगें?

गणेश जी को विघ्नहर्ता और बुद्धि का देवता माना जाता है। विदाई के समय केवल धन या सफलता मांगने के बजाय परिवार की सुख-शांति, सही निर्णय लेने की बुद्धि और जीवन में आने वाली कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति की प्रार्थना की जा सकती है।

बच्चों को भी इस अवसर का अर्थ समझाना अच्छा हो सकता है—त्योहार केवल उत्सव नहीं, परिवार को साथ लाने और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी समझने का अवसर भी है।

डेढ़ दिन के गणपति विसर्जन से जुड़े FAQ

Ganesh Visarjan 2026 में डेढ़ दिन के गणपति का विसर्जन कब है?

डेढ़ दिन के गणपति का विसर्जन आज मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को किया जा रहा है।

आज गणपति विसर्जन का शुभ समय क्या है?

प्रकाशित चौघड़िया के अनुसार प्रमुख समय 12:16 PM से 1:49 PM, 3:21 PM से 4:54 PM और 7:54 PM से 9:21 PM हैं। समय शहर के अनुसार बदल सकता है।

क्या रात में गणपति विसर्जन कर सकते हैं?

15 सितंबर के लिए शाम 7:54 PM से 9:21 PM और बाद में रात का भी शुभ चौघड़िया प्रकाशित है। स्थानीय नियम और विसर्जन केंद्र के समय को जरूर देखें।

क्या डेढ़ दिन में गणपति विसर्जन करना जरूरी है?

नहीं। यह परिवार की परंपरा पर निर्भर करता है। कई लोग डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन, सात दिन या गणेशोत्सव के अंतिम दिन विसर्जन करते हैं।

क्या गणपति विसर्जन घर पर किया जा सकता है?

छोटी, प्राकृतिक मिट्टी की प्रतिमा हो और स्थानीय नियम अनुमति दें तो घर में बड़े पात्र में पर्यावरण-अनुकूल विसर्जन किया जा सकता है। Chemical paint या Plaster of Paris वाली प्रतिमा के लिए अधिकृत विसर्जन केंद्र बेहतर विकल्प है।

गणपति विसर्जन के समय क्या बोलना चाहिए?

श्रद्धालु “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” का जयकारा लगाते हैं। साथ ही “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप भी किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें:आज का राशिफल 15 सितंबर 2026: मेष से मीन तक जानें नौकरी, पैसा और रिश्तों में कैसा रहेगा दिन

निष्कर्ष

Ganesh Visarjan 2026 के तहत आज 15 सितंबर को कई परिवार डेढ़ दिन के गणपति बप्पा को भावपूर्ण विदाई दे रहे हैं। विसर्जन के लिए दिन और शाम में कई शुभ चौघड़िया उपलब्ध हैं, लेकिन सही समय शहर के अनुसार बदल सकता है।

बप्पा की अंतिम पूजा श्रद्धा से करें, उन्हें भोग और आरती अर्पित करें और अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना करें। साथ ही विसर्जन के दौरान सुरक्षा और पर्यावरण का भी ध्यान रखें।

त्योहार की खूबसूरती केवल बड़ी सजावट या जुलूस में नहीं, बल्कि परिवार के साथ बिताए इन छोटे-छोटे पलों और जिम्मेदारी के साथ निभाई गई परंपरा में भी है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई पूजा और मुहूर्त संबंधी जानकारी प्रचलित धार्मिक मान्यताओं और पंचांग आधारित प्रकाशित समय पर आधारित है। चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अनुसार बदल सकते हैं। सटीक समय के लिए अपने शहर का स्थानीय पंचांग देखें। विसर्जन के दौरान स्थानीय प्रशासन और पर्यावरण संबंधी नियमों का पालन करें।